भगवान गणेश को खुश करने के बहुत से उपाय हैंं। बुधवार भगवान गणेश का वार है। इस दिन कर्पूर का उपयोग कर उन्हें प्रसन्न किया जा सकता है।
सनातनी पूजा-पाठ से लेकर तांत्रिक क्रियाओं तक में सफेद रंग की छोटी सी कर्पूर की टिकिया प्रयोग की जाती है। बताया जाता है कि आत्माओं का आह्वान करने के लिए तांत्रिक क्रियाओं में कर्पूर को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जाता है।
हिन्दू पूजा विधि में क्या है कर्पूर का महत्व और कैसे यह हमें सौभाग्य दिला सकता है, यह जानिए।
– वैज्ञानिक शोध के अनुसार कर्पूर की सुगंध से जीवाणु, विषाणु रोग फैलाने वाले जीव खत्म हो जाते हैं। इससे वातावरण शुद्ध होता है अौर बीमारियां भी नहीं होती।
-कर्पूर जलाने से अनिद्रा की समस्या दूर होती है। वैसे तो इसका इस्तेमाल किसी भी दिन किया जा सकता है लेकिन बुधवार को इसे प्रयोग करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
– भृगुसंहिता के अनुसार कर्पूर को जलाने से देवदोष अौर पितृदोष भी कम होते हैं।
– सौभाग्य में वृद्धि के लिए 12 साबूदाने कर्पूर से जला दें।
-संध्या के समय घर के हर बैडरूम में कर्पूर जलाने से रोग-शोक नष्ट होते हैं।
– प्रतिदिन सुबह शाम कर्पूर को घी में भिगोकर जलाएं अौर सारे घर में उसकी सुगंध फैलाएं। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। इसके साथ ही घर में शांति बनी रहती है अौर बुरे सपने भी नहीं आते हैं।
– घर के जिस कोने में वास्तुदोष होता है, वहां कर्पूर जलाना चाहिए। प्रतिदिन ऐसा करने से वास्तुदोष का प्रभाव कम हो जाएगा।
– थोड़े से गंगा जल में कर्पूर मिलाकर मेन गेट पर छिड़कने से किसी भी तरह की बुरी बला और नकारात्मक प्रभाव घर में प्रवेश नहीं करता।
– देवी-देवताअों के समक्ष कर्पूर जलाने से अक्षय पुण्य मिलता है।
– घर में धन तो आता है लेकिन अनचाहे खर्चे सिर उठाए रहते हैं तो सूर्यास्त के समय कर्पूर का दीप जलाएं, उसे सारे घर में घुमाएं। अंत में तुलसी पर आरती करके घर के मंदिर में स्थापित कर दें। देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
– शनि कृपा के लिए शनि यंत्र का निर्माण कर्पूर की कालिख से कर उसे धारण करें।